| Life Shayari in Hindi |
थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी,
मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे।
देखा है ज़िन्दगी को कुछ इतना करीब से,
चेहरे तमाम लगने लगे हैं अब तो अजीब से।
एक और ईंट गिर गई दीवार ए जिंदगी से ,
नादान कह रहे हैं नया साल मुबारक हो
एक मुद्दत से 🧝🏼♂️मेरे हाल से बेगाना है;
जाने ज़ालिम ने किस बात का बुरा माना है;
मैं जो जिंदगी हूँ तो वो भी हैं अना का कैदी;
🧝🏼♂️मेरे कहने पर कहाँ उसने चले आना है।
जब भी इस जिंदगी को देखती हूँ हर पल नई नज़र आती है हमे,
जब भी पीछे मुड कर देखते है सोचते हैये जिंदगी कहां ले आई हमे,
कभी खुशियाँ कभी गम आते है जिन्दगी में हमारी,
जब आगे जिंदगी में देखने की कोशिश करते है
एक नया रिश्ता दिखाई देता है हमे।
कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
चंद सिक्कों के लिए तुने क्या नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछोना 🧝🏼♂️मेरे पास,
पर तु ये बता,कितनी राते चैन से सोया है।
एक साँस सबके हिस्से से… हर पल घट जाती है,
कोई जी लेता है जिंदगी तो किसी की कट जाती है।
ज़िन्दगी लहर थी आप साहिल हुए,
न जाने कैसे हम आपकी 🤝दोस्ती के काबिल हुए,
न भूलेंगे हम उस हसीं पल को,
जब आप हमारी छोटी सी ज़िन्दगी में शामिल हुए.
साँसे भी तो इंसान से जुदा हुआ करती हैं,
तो मोहब्बत ही क्यों ये इलज़ाम सहा करती है।
मुझे तैरने दे या फिर बहना सिखा दे,
अपनी रजा में अब तू रहना सिखा दे,
मुझे शिकवा ना हो कभी भी किसी से,
हे ईश्वर !!मुझे सुःख और दुःख के पार जीना सिखा दे|
ज़िन्दगी की हसीन राह पर 🙅🏼तुम मुझसे आकर टकरा गए,
दिखाकर आँखों को ख्वाब 🧑🏽❤️💋🧑🏻प्यारा सा,फिर उसे भिखरा गए,
फूल अरमानों के जो भी खिले 🧝🏼♂️मेरे 💗दिल में सब मुरझा गए,
खुशियों को मेरी लूटकर 🙅🏼तुम,गमो के बादल बरसा गए!
ज़िन्दगी में कभी उदास मत होना
कभी किसी बात पर निराश मत होना
ये ज़िन्दगी एक संघर्ष है चलती ही रहेगी
ज़रा मुस्कुराना भी सीखा दे ऐ ज़िंदगी,
रोना तो पैदा होते ही सीख लिया था।
उनको ये शिकायत है कि मैं बेवफाई पे नहीं लिखता,
और मैं सोचता हूं कि मैं उनकी रुसवाई पे नहीं लिखता.
.ख़ुद अपने से ज्यादा बुरा जमाने में कौन है?
मैं इसलिए औरों की बुराई पे नहीं लिखता..
कुछ तो आदत से मजबूर हैं और कुछ फितरतों की पसंद है
जख्म कितने भी गहरे हों,मैं उनकी दुहाई पे नहीं लिखता!
जिंदगी में मीठा झूठ बोलने से अच्छा है,
कड़वा सच बोला जाए,
इससे आपको झूठे दोस्तों से अच्छे सच्चे दुश्मन तो मिलेंगे।
ऐ इंसा तू अपनी तारीफ मत कर वो वे फज़ूल है,
क्योंकि खुसबू खुद ही बता दिया करती है ये कोन सा फूल है।
मुस्कराना चाहा मुसकरा ना सके,
गीत भी खुसियो के हम ग ना सके,
पड़े तो कभी अपने बनते नहीं,
हम तो अपनों को भी अपना बना ना सके.
वही रंजिशें वही हसरतें,न ही दर्द ए 💗दिल में कमी हुई,
है अजीब सी मेरी ज़िन्दगी,न गुजर सकी न खत्म हुई।
याद करते है 🙅🏼तुम्हे तनहाई में,
💗दिल डूबा है गमो की गहराई में,
हमें मत ढूंढना दुनिया की भीड़ में,
हम मिलेंगे में 🙅🏼तुम्हे 🙅🏼तुम्हारी परछाई में।
ये ज़िन्दगी हमे इतना क्यों सिखाया करती है,
हमारी जिंदगानी सदियों में थोड़े ही गुजरा करती है,
ये तो बस दो पल की ही हुआ करती है।
रोया हूँ बहुत तब जरा करार मिला है,
इस जहाँ में किसे भला सच्चा 🧑🏽❤️💋🧑🏻प्यार मिला है,
गुजर रही है जिंदगी इम्तिहान के दौर से,
एक ख़तम तो दूसरा तैयार मिला है।
इक टूटी-सी ज़िंदगी को समेटने की चाहत थी,
न खबर थी उन टुकड़ों को ही बिखेर बैठेंगे हम।
Ek Tooti Si Zindagi Ko Sametne Ki Chahat Thi,
Na Khabar Thi Unn Tukdon Ko Hi Bikher Baithhenge.
मंज़िलो से अपनी डर ना जाना,
रास्ते की परेशानियों से टूट ना जाना,
जब भी ज़रूरत हो ज़िंदगी मे किसी अपने की,
हम आपके अपने है ये भूल ना जाना!
कोई खुशियों की चाह में रोया,
कोई दुखों की पनाह में रोया,
अजीब सिलसिला हैं ये ज़िंदगी का..
कोई भरोसे के लिए रोया,
कोई भरोसा कर के रोया!!
हर किसी को जिंदगी दो तरीके से जीना चाहिये,
पहला जो हासिल है उसे पसन्द करना सीख लो,
और दूसरा पसन्द है उसे हासिल करना सीख लो।
ज़िंदगी है थोड़ा आहिस्ता चल,
कट ही जाएगा सफ़र आहिस्ता चल,
एक अंधी दौड़ है किस को ख़बर,
कौन है किस राह पर आहिस्ता चल!
है अजीब शहर की ज़िंदगी
न सफर रहा न क़याम है
कहीं कारोबार सी दोपहर
कहीं बदमिजाज़ सी शाम है।
ना संघर्ष न तकलीफ तो क्या मज़ा है जीने में,
बड़े बड़े तूफ़ान थम जाते हैं जब आग लगी हो सीने में..
अपनी तो ज़िन्दगी है अजीब कहानी है,
जिस चीज़ की चाह है वो ही बेगानी है,
हँसते भी है तो दुनिया को हँसाने के लिए,
वरना दुनिया डूब जाये इन आखों में इतना पानी है।
किसी 🌞दिन ज़िंदगानी में करिश्मा क्यूं नहीं होता,
हर 🌞दिन जाग जाता हूँ ज़िन्दा क्यूं नहीं होता,
मेरी इक ज़िन्दगी में कितने हिस्सेदार हैं लेकिन,
किसी की ज़िंदगी में मेरा हिस्सा क्यूं नहीं होता!
सबकी अपनी अपनी जीने की शैली है,
किसी की चादर साफ किसी की मैली है,
आज तक सुलझा नहीं पाया है कोई,
जिंदगी तो बस एक अनसुलझी पहेली है।
हँसी आपकी कोई चुरा ना पाये,
आपको कभी कोई रुला ना पाये,
खुशियों का दीप ऐसे जले ज़िंदगी में ,
कि कोई तूफ़ान भी उसे बुझा ना पाये।
किसी रोज़ याद न कर पाऊं तो खुदगर्ज़ न समझ लेना दोस्तों,
दरसल छोटी सी इस उम्र में परेशानिया बहुत हैं,
मैं भूला नहीं हूँ किसी को 🧝🏼♂️मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं ज़माने में,
बस थोड़ी ज़िन्दगी उलझ पड़ी है दो वक़्त की रोटी कमाने में|
एक खूबसूरत सोच
अगर कोई पूछे जिंदगी में क्या खोया और क्या पाया,
तो कहना जो कुछ खोया वो मेरी नादानी थी
और..जो भी पाया वो प्रभू की मेहेरबानी थी,
खुबसूरत रिश्ता है मेरा और भगवान के बीच में,
ज्यादा मैं मांगता नहीं और कम वो देता नहीं!
तू क्यों ए 💗दिल ऐसे रोता है,
ये ज़िन्दगी है ही ऐसी,यहाँ ऐसा ही होता है।
किसी की मजबूरी का कभी मज़ाक न बनाओ दोस्तों,
जिंदगी अगर मौका देती है,तो वही जिंदगी धोखा भी देती है।
कभी पलकों पे आँसू हैं,कभी लब पर शिकायत है,
मगर ए ज़िन्दगी फिर भी,मुझे तुझ से मोहब्बत है
पढ़ने वालों की कमी हो गयी हैआज इस ज़माने में…
वरना मेरी ज़िन्दगी का हर पन्ना,पूरी किताब है।
ज़िन्दगी तस्वीर भी है और तक़दीर भी,
फर्क तो सिर्फ रंगों का है।
मनचाहे रंगों से बने तो तस्वीर,
औरअनजाने रंगों से बने तो तक़दीर।
जिंदगी के उस पड़ाव पर हूं जहां khamosh रहना,
कुछ sabit करने से बेहतर लगता है.
जिंदगी के उस पड़ाव पर हूं जहां khamosh रहना,
कुछ sabit करने से बेहतर लगता है.
साथ तो जिंदगी भी छोड़ देती है
फिर शिकायत सिर्फ लोगों से क्यों
जो किस्मत में नही था जिंदगी उसी से टकरा गई..!
तूझसे एक मुलाकात की ख्वाईश है.. यूं तो
🧝🏼♂️मेरे फोन में तेरी तस्वीर बहुत सी
हैं..छोटी सी उम्र में दुनियां देख चुका हूँ
मैं कौन अपना कौन पराया ये भी देख चुका हूँ मैं !
कुछ लोग जिंदगी में सिर्फ एक ही बार
आते हैं उनके बाद, उनसे बेहतर फिर कोई
नहीं मिलता !
“किसी ने क्या खूब लिखा है..! “”💗
दिल मे चुभ जाती है अपनों की ही बातें, वरना
गैरों में इतना दम कहां जनाब की आंखों में आंसू ला दे””..!
”“किसी की आदत लगने में वक़्त नहीं लगता,
मगर आदत को ख़तम करने में जिंदगी गुजर जाती है”
जिंदगी इतनी भी बुरी नहीं कि मरने को
💗दिल चाहे, बस कुछ लोग इतना दर्द देते हैं
कि जीने का जी नहीं करता“वक़्त बदल गया
🙅🏼तुम बदल गए मुस्कुराने की वजह बदल गई
पर रोने की वजह आज भी 🙅🏼तुम
ही हो”ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़,
मुझको आदत है मुस्कुराने की।
सच्चे किस्से शराबखाने में सुने,
वो भी ✋हाथ मे जाम लेकर,
झूठे किस्से अदालत में सुने,
वो भी ✋हाथ मे गीता-कुरान लेकर।
किस से सीखू मैं खुदा की बंदगी,
सब लोग खुदा के बँटवारे किए बैठे है,
जो लोग कहते है खुदा कण कण में है,
वही मंदिर,मस्जिद,गुरूद्वारे लिए बैठे हैं !
राह संघर्ष की जो चलता है,
वो ही संसार को बदलता है।
जिसने रातों से जंग जीती है,
सूर्य बनकर वही निकलता है।
मायने ज़िन्दगी के बदल गये अब तो,
कई अपने 🧝🏼♂️मेरे बदल गये अब तो,
करते थे बात आँधियों में साथ देने की.
हवा चली और सब मुकर गये अब तो।हमने
इंसानो को अपनी औकात भूलते देखा है,
जब हमने रोटी को कूड़े में फेंकते देखा है।
ज़रा सी ज़िन्दगी
जाना कहा था और कहां आ गए,
दुनिया में बन कर मेहमान आ गए,
अभी तो 🧑🏽❤️💋🧑🏻प्यार की किताब खोली थी,
और न जाने कितने इम्तिहान आ गए।
ज़िन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते ले कर आती है,
ज़िन्दगी की हर शाम कुछ तजुर्बे दे कर जाती है।
फुर्सत में करेंगे तुझसे हिसाब-ए-ज़िन्दगी ,
अभी तो उलझे है खुद को सुलझाने में
जुगनुओं की रोशनी से तीरगी हटती नहीं,
आइने की सादगी से झूठ की पटती नहीं,
ज़िंदगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा,
सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िंदगी कटती नहीं।
आज कल नज़रो से भी चोट लगा करती है,
जब नज़रे देख कर भी अनदेखा कर दिया करती है।
फर्क होता है खुदा और फ़क़ीर में,
फर्क होता है किस्मत और लकीर में..
अगर कुछ चाहो और न मिले तो समझ लेना..
कि कुछ और अच्छा लिखा है तक़दीर में।
साथ रहते यूँ ही वक़्त गुज़र जायेगा,
दूर होने के बाद कौन किसे याद आयेगा,
जी लो ये पल जब हम साथ हैं,
कल क्या पता वक़्त कहाँ ले जायेगा।
जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है,
थोड़ा रुलाती है थोड़ा हसाती है,
खुद से ज्यादा किसी पे भरोसा मत करना,
क्योंकि अँधेरे में तो परछाईं भी साथ छोड़ जाती है!
जिंदगी की हकीकत को बस हमने इतना ही जाना है,
दर्द में अकेले हैं और खुशियों में सारा जमाना है।
🧑🏽❤️💋🧑🏻प्यार वो हम को बेपनाह कर गये,
फिर ज़िन्दगी में हम को तन्नहा कर गये,
चाहत थी उनके इश्क में फ़नाह होने की,
पर वो लौट कर आने को भी मना कर गये।
कहती हैं मुझे ज़िन्दगी,कि मैं आदतें बदल लूँ,
बहुत चला मैं लोगों के पीछे,अब थोड़ा
खुद के साथ चल लूँ!तू जिंदगी को जी,
उसे समझने की कोशिश न कर
सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,
उसमे उलझने की कोशिश न कर
चलते वक़्त के साथ तू भी चल,
उसमे सिमटने की कोशिश न कर
अपने ✋हाथो को फैला,खुल कर साँस ले,
अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर
मन में चल रहे युद्ध को विराम दे,
खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर
कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे,
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर
जो मिल गया उसी में खुश रह,
जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर
रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा,
मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर !
💗दिल मैं हर राज़ दबा कर रखते है,
होंटो पर मुस्कराहट सजाकर रखते है,
ये दुनिया सिर्फ़ खुशी मैं साथ देती है,
इसलिए हम अपने आँसुओ को छुपा कर रखते है!
शायद मैं इसीलिए पीछे हूं,
मुझे होशियारी नही आती,
बेशक लोग ना समझे मेरी वफादारी,
मगर यारो मुझे गद्दारी नही आती।
जिंदगी में क्यों भरोसा करते हो गैरों पर,
जब चलना है अपने ही पैरों पर।
रिश्तो के बाजार में रिश्तो को कुछ इस तरह सजाया जाता है,
ऊपर से तो बहुत अच्छा दिखाया जाता है,
पर अंदर न जाने क्या क्या मिलाया जाता है।
रूठी जो जिदंगी तो मना लेंगे हम,
मिले जो गम वो सह लेंगे हम,
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो,
निकलते हुए आंसूओ में भी मुस्कुरा लेंगे हम।
न बदली वक्त की गर्दिश न जमाना बदला,
जब सूख गई पेड़ की डाली तो परिंदों ने ठिकाना बदला।
हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली,
कुछ यादें 🧝🏼♂️मेरे संग पाँव पाँव चली,
सफ़र जो धूप का किया तो तजुर्बा हुआ,
वो जिंदगी ही क्या जो छाँव छाँव चली।









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