| Jindagi Shayari In Hindi | जिंदगी शायरी इन हिंदी |
ज़िंदगी भी तवायफ की तरह होती है,
कभी मजबूरी में नाचती है कभी मशहूरी में।
ज़िन्दगी के लिए जान जरुरी है,
पाने के लिए अरमान ज़रूरी है,
हमारे पास चाहे हो कितना ही गम,
पर आपके चेहरे पर मुस्कान ज़रूरी है.
बेझिझक मुस्कुराये जो भी गम है,
जिंदगी में टेंशन किसको कम है,
अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है,
जिंदगी का नाम ही कभी ख़ुशी कभी गम है।
छु ले आसमान जमीन की तलाश न कर,
जी ले जिंदगी खुशी की तलाश न कर,
तकदीर बदल जाएगी खुद ही 🧝🏼♂️मेरे दोस्त,
मुस्कुराना सीख ले वजह की तलाश न कर.
खुबसूरत सा एक पल क़िस्सा बन जाता है,
जाने कब कौन ज़िन्दगी का हिस्सा बन जाता है,
कुछ लोग ज़िन्दगी में ऐसे मिलते हैं ,
जिनसे कभी ना टूटने वाला रिश्ता बन जाता है!!
तेरे 🧝🏼♂️मेरे रिश्ते को क्या नाम दूँ,
यह नाम दूँ या वह नाम दूँ,
इस दुनिया की भीड़ मैं नाम हो जाते है बदनाम,
क्यों न अपने रिश्ते को बेनाम ही रहने दूँ.
अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो,
मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो,
मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना !!
मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो!!
इसी का नाम ज़िन्दगी है कुछ दबी हुई ख़्वाहिशें है,
कुछ मंद मुस्कुराहटें कुछ खोए हुए सपने है,
कुछ अनसुनी आहटें..कुछ सुकून भरी यादें हैं,
कुछ दर्द भरे लम्हात..कुछ थमें हुए तूफ़ाँ हैं,
कुछ मद्धम सी बरसात..कुछ अनकहे अल्फ़ाज़ हैं,
कुछ नासमझ इशारे..कुछ ऐसे मंझधार हैं,
जिनके मिलते नहीं किनारे..कुछ उलझनें है राहों में,
कुछ कोशिशें बेहिसाब..बस इसी का नाम
ज़िन्दगी है चलते रहिये,जनाब..!!सुकून-ए-ज़िंदगी
ऐ जिन्दगी तुझ पर मेरा जोर क्यों नहीं चलता,
क्यों हर चीज पराई दी है तूने मुझे।
कितना मुश्किल है ज़िन्दगी का ये सफ़र,
खुदा ने मरना हराम किया लोगो ने जीना।
हम तो अक्सर इंसान के मुँह सुना करते थे की वक्त बदलता है,
पर जब खुद आजमाइस की तो पता चला
यहाँ वक्त के साथ इंसान भी बदलता है।
ज़िन्दगी कब की खामोश हो गयी,
💗दिल तो बस आदतन धड़कता है.
थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ ज़िन्दगी,
मुनासिब होगा के मेरा हिसाब कर दे।
खुद को इतना भी मत बचाया कर,बारिशें हो तो भीग जाया कर,
चाँद लाकर कोई नहीं देगा,अपने चेहरे से जगमगाया कर,
दर्द आँखों से मत बहाया कर,काम ले कुछ हसीन होंठो से,
बातों-बातों में मुस्कुराया कर!
बेजान चीज़ो को बदनाम करने के
तरीके कितने आसान होते है….!
लोग सुनते है छुप छुप के बाते ,
और कहते है के दीवारो को भी कान होते हैं!
समझ ना आया ऐ जिंदगी तेरा ये फलसफा,
एक तरफ कहती है सबर का फल मीठा होता है
और दूसरी तरफ कहती है वक़्त किसी का इंतजार नही करता
जिंदगी उसी को आजमाती है,
जो हर मोड पर चलना जानता है,
कुछ पा कर तो हर कोई मुस्कुराता है
जिंदगी उसी की है..
जो सबकुछ खो कर भी मुस्कुराना जानता है।
जिंदगी में कभी भी अपने हुनर पर घमण्ड मत करना,
क्योंकि जब पत्थर पानी में गिरता है
तो अपने ही वजन में डूब जाता है।
थोड़ी मस्ती थोड़ा सा ईमान बचा पाया हूँ;
ये क्या कम है मैं अपनी पहचान बचा पाया हूँ;
कुछ उम्मीदें कुछ सपने कुछ महकी-महकी यादें;
जीने का मैं इतना ही सामान बचा पाया हूँ।
खामोश बैठें तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नहीं,
ज़रा सा हँस लें तो मुस्कुराने की वजह पूछ लेते हैं !
हमारी खुशियाँ जरा जल्दी में थी इसलिए वो चली गई,
और गम की घड़ी जरा फुर्सत से आया थी इसलिये ठहर गई।
ज़िन्दगी में कभी झुकना पड़े तो कभी मत घबराना,
क्योंकि झुकता वही है जिसमे जान होती है,
और अकड़ तो मुर्दे की पहचान होती है।
कभी जो जिंदगी में थक जाओ,
तो किसी को कानो कान खबर भी न होने देना,
क्योंकि लोग टूटी हुई इमारतों की ईंट तक उठा कर ले जाते हैं।
मुझे ज़िंदगी का इतना तजुर्बा तो नहीं है दोस्तों,
पर लोग कहते हैं यहाँ सादगी से कटती नहीं।
मुझे पतझड़ की कहानियां सुना के उदास न कर ऐ-जिंदगी….
नए मौसम का पता बता,जो गुज़र गया वो गुज़र गया !!
चलते रहे कदम.. किनारा जरुर मिलेगा,
अन्धकार से लड़ते रहे सवेरा जरुर खिलेगा,
जब ठान लिया मंजिल पर जाना रास्ता जरुर मिलेगा,
ए राही न थक चल.. एक 🌞दिन समय जरुर फिरेगा।
दर्द कैसा भी हो कभी आँख नम ना करो,
रात काली सही लेकिन ग़म ना करो,
एक सितारा बन जगमगाते रहो,
ज़िन्दगी में यूँ ही सदा मुस्कुराते रहो।
किसी ने क्या खूब कहा है,ज़िन्दगी के सिर्फ दो 🌞दिन है,
एक 🌞दिन आपके हक में होती है,और एक 🌞दिन आपके खिलाफ होती है,
जिस 🌞दिन आपके हक में हो तो कभी अभिमान मत करना,
और जिस 🌞दिन आपके खिलाफ हो तो थोड़ा सब्र करना।
मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी,
बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी,
खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन,
उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी!
मत सताओ हमे हम सताए हुए है,
अकेला रहने का ग़म उठाये हुए है,
खिलौना समज के ना खेलो हम से,
हम भी उसी खुदा के बनाये हुए है…
जिंदगी बहुत छोटी है शायरी
जो लम्हा साथ है उसे जी भर के जी लेना,
ये कम्बख्त जिंदगी भरोसे के काबिल नहीं है।जिंदगी
बहुत छोटी है बस वही करो जो 🙅🏼तुम्हे खुशी देता है
छोटी सी ज़िन्दगी है हंस कर जियो क्योंकि
लौट कर यादें आती है वक़्त नहीं
“जिस 🌞दिन हम तेरी जिंदगी से जाएंगे,
इतनी खुशी और 🧑🏽❤️💋🧑🏻प्यार छोड़ जाएंगे, जब भी याद
करोगे इस पागल को तो, हंसती आंखों से भी आंसू निकल आएंगे।”
रखा करो नजदीकियॉ जिन्दगी का कुछ भरोसा नही
फिर मत कहना चले भी गऐ और बताया भी नही!
Jo Lamha Saath Hai Use Jee Bhar Ke Jee Lena,
Yeh Kambakht Zindagi Bharose Ke Kabil Nahi Hai.
जवाब उसका बंद है,मेरा सवाल बंद है,
कई 🌞दिनों से ज़िंदगी से बोल-चाल बंद है!
🌞दिन कुछ ऐसे गुजारता है कोई, जैसे ऐहसान उतारता है कोई,
आईना देखकर तसल्ली हुई,हमको इस घर मे जानता है कोई,
पक गया है सजर मे फल शायद,फिर से पत्थर उछालता है कोई,
दूर तक गूंजते है सन्नाटे,जैसे हमको पुकारता है कोई!
महफ़िल में चल रही थी 🧝🏼♂️मेरे कत्ल की तैयारी,
हमे देख कर बोले बहुत लम्बी उम्र है 🙅🏼तुम्हारी।
जीत किसके लिए,हार किसके लिए,
ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए ,
जो भी आया है वो जायेगा एक 🌞दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए..
कल खेल में मैं नहीं रहूँगा इजहारे मुहब्बत नहीं करुँगा,
आज पल भर सुन लो फसाना मेरा,
कल से कोई गजल मैं नहीं कहूँगा!
कागज़ के नोटों से आखिर किस किस को खरीदोगे,
किस्मत परखने के लिए यहाँ आज भी सिक्का ही उछाला जाता है!
तेरी धड़कन ही ज़िंदगी का किस्सा है मेरा,
तू ज़िंदगी का एक अहम् हिस्सा है मेरा..
मेरी मोहब्बत तुझसे,सिर्फ़ लफ्जों की नहीं है,
तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा!
ज़िन्दगी एक हसीन ख़्वाब है,
जिसमें जीने की चाहत होनी चाहिये,
ग़म खुद ही ख़ुशी में बदल जायेंगे,
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिये !
हम तो यूँ ही किसी को मतलबी कहा नही करते है,
क्योंकि हम खुद ही उपर वाले को दुःख में याद करते है।
कुछ गुज़री कुछ गुज़ार दी,
कुछ निखरी कुछ निखार दी,
कुछ बिगड़ी कुछ बिगाड़ दी,
कुछ अपनी रही कुछ अपनों पर वार दी,
कुछ इश्क में डूबी कुछ इश्क ने तार दी,
कुछ दोस्त साथ रहे कुछ कसर दुश्मनो ने उतार दी,
बस ज़िन्दगी मिली मुझे..ज़िन्दगी जैसी ही गुज़ार दी!
मैंने जिन्दगी से पूछा..सबको इतना दर्द क्यों देती हो..??
जिन्दगी ने हंसकर जवाब दिया..
मैं तो सबको ख़ुशी ही देती हुँ..
पर एक की ख़ुशी दुसरे का दर्द बन जाती है !!
छुपी है अन-गिनत चिंगारियाँ लफ़्ज़ों के दामन में,
ज़रा पढ़ना ग़ज़ल की ये किताब आहिस्ता आहिस्ता,
मुकम्मल हो ही गयी आखिर,आज ज़िन्दगी की ग़ज़ल,
🧝🏼♂️मेरे महबूब ने भी उसको पढ़कर,वाह-वाह बोला है।
अगर जिंदगी में भरोसा खुद पर हो तो ताकत बन जाती है,
और वही भरोसा दूसरो पर हो तो कमज़ोरी बन जाती है।
मेरी यह ज़िन्दगी है कि मरना पड़ा मुझे,
एक और ज़िन्दगी की तमन्ना लिए हुए।
माँ वो नोट बुक है,
जिसमे औेलाद सब कुछ लिख सकती है,
लेकिन माँ सिर्फ 🧑🏽❤️💋🧑🏻प्यार लिखती है।
मशहूर होना लेकिन कभी मगरूर मत होना,
छू लो कदम कामयाबी के लेकिन कभी अपनों से दूर मत होना,
जिंदगी में खूब मिल जायेगी दौलत और शोहरत पर,
अपने ही आखिर अपने होते हैंये बात कभी भूल मत जाना!







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