यूँ पलकें झुका देने से नींद नहीं आती साहेब - Good Night Shayari | Good Evening Shayari -

Deepak Kumar Bind


| Good Night Shayari |

यूँ पलकें झुका देने से नींद नहीं आती साहेब - Good Night Shayari


 यूँ पलकें झुका देने से नींद नहीं आती साहेब

सोते वही लोग है जिनके पास किसी की यादें नहीं होती



🌆रात की तन्हाई में अकेले थे हम

दर्द की महफ़िलो में रो रहे थे हम

आप हमारे भले ही कुछ नहीं लगते

फिर भी आप को याद किये बिना सोते नहीं हम



हमें नहीं पता कौन सी बात आखिरी हो

ना जाने के कौन सी मुलाकात आखिरी हो

इसलिए सबको याद करके सोते है हम की

पता नहीं की ज़िन्दगी में कौन सी 🌆रात आखिरी हो



अपना हम सफ़र बनालो 🙍मुझे तेरा ही साया हूँ अपना लो 🙍मुझे

ये 🌆रात का सफ़र और भी हसीं हो जायेगा

तो आ जा मेरे सपनो में या बुला लो 🙍मुझे



देखा फिर 🌆रात आ गई

गुड नाईट कहने की बात आ गई

हम बैठे थे सितारों के पनाह में

🌜चाँद को देखा तो आप की याद आ गई



🌜चाँद है और चांदनी 🌆रात है होती सितारों से तेरी बात है

होती है हमारी बात 👩🏽‍❤️‍👩🏼प्यारी इस लिए क्यूंकि 🧖🏾तुम्हारी 👩🏽‍❤️‍👩🏼प्यारी याद हमारे साथ है



यूँ पलकें झुका देने से नींद नहीं आती साहेब - Good Night Shayari


🌆रात किया हुई रौशनी को भूल गए

चन्द किया निकला सूरज को भोल गए

मन कुछ देर हमने Sms नहीं किया आपको

तो किया आपको हम याद करना भोल गए



वक़्त मिले तो कभी रखना कदम ❤️दिल के आँगन में

हैरान रह जाओगे मेरे ❤️दिल में अपना मुकाम देख कर



ख़याल जिसका था ख़याल में मिला 🙍मुझे

सवाल का जवाब भी सवाल में मिला 🙍मुझे



बक्श देता है खुदा उनको जिनकी किस्मत खराब होती है

वो हरगिज़ नहीं बक्शे जाएंगे जिनकी नियत खराब होती है



दुश्मनोँ ने दोस्ती का सिलसिला रहने दिया

उसके सारे खत जला दिये,फिर भी पता रहने दिया



बेनूर सी लगती है उससे बिछड़ के जिंदगी

अब 🔥चिराग जलते हैं मगर उजाला नहीं करते


यूँ पलकें झुका देने से नींद नहीं आती साहेब - Good Night Shayari


आज टूट गया हूँ,तो बचकर निकलते हो

कल आईना था तो रुक-रुक कर देखते थे



मजबूर नही करेंगे तुझे वादे निभानें के लिए

बस एक बार आ जा अपनी यादें वापस ले जाने के लिए



खेलने दो उन्हे जब तक जी न भर जाए उनका

👨🏼‍❤️‍👨🏼मोहब्बत चार 🌄दिन कि थी तो शौक कितने 🌄दिन का होगा




फना होने की इजाजत ली नहीं जाती

ये 👨🏼‍❤️‍👨🏼मोहब्बत है जनाब पूछ के की नहीं जाती



जरूरत हो तभी जलाओ अपने आप को

उजालों में 🔥चिरागों की अहमियत नहीं होती



यहाँ लोगो ने खुद पर इतने परदे दाल रखे है

किसी के ❤️दिल में क्या है नज़र आना बी मुश्किल है

मन के ख्वाब में मुलाक़ात होगी 🙍उनसे

पर यहाँ तो उसके बिना नींद आना बी मुश्किल है



हर रह आसान हो हर राह में खुशियाँ हो

हर 🌄दिन खुबसूरत हो ऐसा ही पूरा जीवन हो

यही हर 🌄दिन मेरी दुआ हो ऐसा ही 🧖🏾तुम्हारा हर जनम 🌄दिन हो





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